Metro UpdatePMRCL Verified5 मिनट23 सित॰ 202628 पाठक

पटना मेट्रो अंडरग्राउंड सेक्शन अपडेट: राजेंद्र नगर, PMCH, गांधी मैदान और पटना जंक्शन में तेजी से काम

त्वरित सारांश / मुख्य बिंदु (Quick Takeaways)

पटना मेट्रो के अंडरग्राउंड सेक्शन में निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। जानिए राजेंद्र नगर, PMCH, गांधी मैदान और पटना जंक्शन से जुड़ी महत्वपूर्ण अपडेट।

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रिपोर्टर / लेखक:Patna Metro Guide
📸 पटना मेट्रो आधिकारिक इन्फोग्राफिक
पटना मेट्रो अंडरग्राउंड सेक्शन अपडेट: राजेंद्र नगर, PMCH, गांधी मैदान और पटना जंक्शन में तेजी से काम
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पटना मेट्रो के अंडरग्राउंड सेक्शन में तेजी, 5.2 किमी सुरंग का काम पूरा

पटना मेट्रो रेल परियोजना के अंडरग्राउंड सेक्शन में सितंबर 2026 में महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की गई है। मोइन-उल-हक मेट्रो स्टेशन से पटना जंक्शन तक अप लाइन पर 5.2 किलोमीटर लंबी सुरंग तैयार हो गई है। यह उपलब्धि PC-03 पैकेज के तहत नौवें TBM ब्रेकथ्रू के बाद सामने आई।

पटना मेट्रो का भूमिगत नेटवर्क शहर के कई महत्वपूर्ण इलाकों को जोड़ने के लिए विकसित किया जा रहा है। इनमें पटना जंक्शन, आकाशवाणी, गांधी मैदान, PMCH, पटना विश्वविद्यालय, मोइन-उल-हक स्टेडियम और राजेंद्र नगर जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं।

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पटना मेट्रो Corridor-2 का रूट क्या है?

PMRCL के आधिकारिक रूट मैप के अनुसार Corridor-2 पटना रेलवे स्टेशन से गांधी मैदान होते हुए पाटलिपुत्र बस टर्मिनल तक जाता है।

इस कॉरिडोर की कुल लंबाई 14.57 किलोमीटर है। इसमें 6.49 किलोमीटर एलिवेटेड और 8.08 किलोमीटर अंडरग्राउंड सेक्शन शामिल है। Corridor-2 में कुल 12 स्टेशन हैं, जिनमें 7 अंडरग्राउंड और 5 एलिवेटेड स्टेशन हैं।

Corridor-2 के प्रमुख स्टेशन हैं: पटना स्टेशन, आकाशवाणी, गांधी मैदान, PMCH, यूनिवर्सिटी, मोइन-उल-हक स्टेडियम, राजेंद्र नगर, मलाही पकड़ी, खेमनीचक, भूतनाथ, जीरो माइल और पाटलिपुत्र बस टर्मिनल।

पटना स्टेशन इस नेटवर्क में Corridor-1 और Corridor-2 के बीच एक महत्वपूर्ण इंटरचेंज स्टेशन है।

मोइन-उल-हक से पटना जंक्शन तक 5.2 किमी सुरंग पूरी

सितंबर 2026 में पटना मेट्रो के अंडरग्राउंड निर्माण में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई। PC-03 पैकेज के तहत नौवां TBM ब्रेकथ्रू पूरा हुआ। इसके साथ मोइन-उल-हक मेट्रो स्टेशन से पटना जंक्शन तक अप लाइन की 5.2 किलोमीटर लंबी सुरंग तैयार हो गई।

यह हिस्सा पटना के घने और व्यस्त शहरी क्षेत्र से होकर गुजरता है। इस कारण यहां भूमिगत सुरंग निर्माण परियोजना के महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग कार्यों में शामिल है।

मोइन-उल-हक से गांधी मैदान तक भी सुरंग निर्माण में प्रगति

2026 में मोइन-उल-हक स्टेडियम से गांधी मैदान के बीच सुरंग निर्माण की भी महत्वपूर्ण प्रगति सामने आई। इसके बाद परियोजना के अन्य हिस्सों में सुरंग निर्माण और संबंधित कार्यों को आगे बढ़ाया गया।

पटना मेट्रो की सुरंगों के निर्माण में Tunnel Boring Machine यानी TBM का इस्तेमाल किया जा रहा है। TBM जमीन के अंदर सुरंग बनाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली विशेष मशीन है।

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PMCH और गांधी मैदान के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह सेक्शन?

PMCH और गांधी मैदान पटना के महत्वपूर्ण शहरी क्षेत्रों में शामिल हैं।

PMCH एक प्रमुख चिकित्सा संस्थान है, जबकि गांधी मैदान शहर के केंद्रीय हिस्से में स्थित प्रमुख स्थान है। भविष्य में इन क्षेत्रों के आसपास मेट्रो कनेक्टिविटी विकसित होने से यात्रियों को शहर के विभिन्न हिस्सों तक सार्वजनिक परिवहन का एक अतिरिक्त विकल्प मिल सकता है।

इसी भूमिगत नेटवर्क में पटना विश्वविद्यालय और मोइन-उल-हक स्टेडियम जैसे महत्वपूर्ण स्थान भी शामिल हैं।

गांधी मैदान से पटना जंक्शन तक मेट्रो कनेक्टिविटी

Corridor-2 के भूमिगत हिस्से में गांधी मैदान, आकाशवाणी और पटना जंक्शन महत्वपूर्ण स्टेशन हैं।

पटना जंक्शन मेट्रो नेटवर्क में एक महत्वपूर्ण इंटरचेंज के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां Corridor-1 और Corridor-2 के बीच यात्री मेट्रो बदल सकेंगे।

PMRCL के आधिकारिक रूट मैप में पटना स्टेशन को दोनों कॉरिडोर के इंटरचेंज के रूप में दिखाया गया है।

अब सिर्फ सुरंग ही नहीं, सिस्टम से जुड़े काम भी आगे बढ़ रहे हैं

पटना मेट्रो परियोजना में केवल सुरंग और स्टेशन निर्माण ही नहीं, बल्कि मेट्रो संचालन के लिए जरूरी अन्य सिस्टम पर भी काम आगे बढ़ रहा है।

सितंबर 2026 में DMRC ने Corridor-2 के अंडरग्राउंड सेक्शन के लिए लगभग 121.12 करोड़ रुपये के PE-06A टेंडर की प्रक्रिया शुरू की। इसमें 25 kV AC ट्रैक्शन सिस्टम, Rigid Overhead Equipment, 33 kV Auxiliary Sub Stations और संबंधित केबलिंग के डिजाइन, इंजीनियरिंग, सप्लाई, इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग और कमीशनिंग से जुड़े कार्य शामिल हैं।

इससे पता चलता है कि परियोजना में सिविल निर्माण के साथ-साथ मेट्रो संचालन के लिए जरूरी इलेक्ट्रिकल और ट्रैक्शन सिस्टम से जुड़े कार्य भी आगे बढ़ रहे हैं।

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यात्रियों को भविष्य में क्या फायदा हो सकता है?

जब संबंधित सेक्शन पूरी तरह तैयार होकर परिचालन में आएगा, तब पटना के महत्वपूर्ण रेलवे, चिकित्सा, शैक्षणिक, व्यावसायिक और आवासीय क्षेत्रों के बीच सार्वजनिक परिवहन का एक नया विकल्प उपलब्ध हो सकता है।

खास तौर पर पटना जंक्शन, गांधी मैदान, PMCH, पटना विश्वविद्यालय, मोइन-उल-हक स्टेडियम और राजेंद्र नगर जैसे क्षेत्रों का मेट्रो नेटवर्क से जुड़ना शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण होगा।

हालांकि, किसी सेक्शन में सुरंग निर्माण पूरा होना और उस पर यात्री सेवा शुरू होना अलग-अलग चरण हैं। सुरंग निर्माण के बाद ट्रैक, बिजली, सिग्नलिंग, संचार, स्टेशन सिस्टम, परीक्षण और अन्य जरूरी कार्य भी पूरे किए जाते हैं।

पटना मेट्रो का अंडरग्राउंड नेटवर्क लगातार आगे बढ़ रहा है

पटना मेट्रो के Corridor-2 में अंडरग्राउंड निर्माण से जुड़े कई महत्वपूर्ण चरण 2026 में सामने आए हैं। सितंबर 2026 में मोइन-उल-हक मेट्रो स्टेशन से पटना जंक्शन तक 5.2 किलोमीटर अप लाइन सुरंग का TBM ब्रेकथ्रू पूरा हुआ।

इसके साथ ही परियोजना में ट्रैक्शन, इलेक्ट्रिकल और अन्य मेट्रो सिस्टम से जुड़े कार्य भी आगे बढ़ रहे हैं।

📌निष्कर्षअंतिम निष्कर्ष / Key Takeaway

पटना मेट्रो के अंडरग्राउंड सेक्शन में 2026 के दौरान लगातार प्रगति देखने को मिली है। मोइन-उल-हक से पटना जंक्शन तक 5.2 किलोमीटर सुरंग का पूरा होना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्माण उपलब्धि है।

Corridor-2 में पटना जंक्शन, आकाशवाणी, गांधी मैदान, PMCH, यूनिवर्सिटी, मोइन-उल-हक स्टेडियम और राजेंद्र नगर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं। PMRCL के अनुसार Corridor-2 की कुल लंबाई 14.57 किलोमीटर है, जिसमें 8.08 किलोमीटर हिस्सा भूमिगत है।

आने वाले चरणों में ट्रैक, इलेक्ट्रिकल, ट्रैक्शन, सिग्नलिंग, संचार और स्टेशन सिस्टम से जुड़े कार्यों की प्रगति महत्वपूर्ण होगी।

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